COBI Raises Alarm Over Deteriorating Condition of Industrial Areas in Jhajjar District
झज्जर जिले के समस्त उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाली औद्योगिक संस्था कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज़ (कोबी) ने जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की लगातार बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोबी के अध्यक्ष श्री प्रवीण गर्ग, उपाध्यक्ष श्री विपिन बजाज, महासचिव श्री प्रदीप कौल, संयुक्त सचिव श्री सुरेन्द्र वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष श्री अशोक कुमार मित्तल तथा माननीय कार्यकारिणी सदस्यों ने झज्जर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं पर गंभीर चर्चा की । औद्योगिक क्षेत्रों के वर्तमान हालात उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत चिंताजनक हैं और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज ने झज्जर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। उद्योगों से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है और विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपयों के बड़े-बड़े टेंडर भी पारित किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन कार्यों का कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता।
जब कागजों में विकास कार्य पूर्ण दिखाए जा रहे हैं, तो वास्तविकता में इन कार्यों का कोई अस्तित्व क्यों नहीं है। यह एक गंभीर जांच का विषय है कि आखिरकार उद्योगों से प्राप्त होने वाला राजस्व और विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धनराशि कहां खर्च हो रही है। कोबी ने प्रशासन से इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री प्रवीण गर्ग ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति अत्यंत खराब है। जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी हुई है, स्ट्रीट लाइट या तो लगी ही नहीं हैं या फिर कार्य नहीं कर रही हैं, जिससे रात्रि के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है, बड़े-बड़े गड्ढे मौजूद हैं, जिनमें पानी भर जाने के कारण उनका पता नहीं चलता और हादसों की संभावना और अधिक बढ़ जाती है। सीवर लाइनें जाम पड़ी हैं और सफाई व्यवस्था का नामोनिशान तक नहीं है।
इसके अतिरिक्त, संस्था ने औद्योगिक क्षेत्रों में अग्निशमन (फायर फाइटिंग) व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। हाल ही में देहकोरा औद्योगिक क्षेत्र में लगी आग की घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि फायर ब्रिगेड वाहन को मौके पर पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लग गया, जो अत्यंत चिंताजनक है और बड़े नुकसान का कारण बन गया। इस प्रकार की लापरवाही भविष्य में और बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है।
साथ साथ कर्मचारियों के स्वास्थ्य, उनके बच्चों की शिक्षा, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण, तथा उद्योगों में आग लगने जैसी आपात स्थितियों में त्वरित सुविधाएं उपलब्ध न होना—ऐसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर गंभीरता से कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
लेकिन यदि उद्योगों को रोजमर्रा की मूलभूत सुविधाएं ही समय पर उपलब्ध नहीं होंगी, तो अन्य महत्वपूर्ण अपेक्षाओं को पूरा करने की आशा कैसे की जा सकती है।
यदि संबंधित विभागों का यही उदासीन रवैया बना रहा, तो उद्योगों के लिए आगे बढ़ना और विकास की राह पर मजबूती से चलना अत्यंत कठिन हो जाएगा।
कोबी ने यह भी सवाल उठाया कि जब जमीनी स्तर पर कोई कार्य हो ही नहीं रहा है, तो फिर टेंडर पास करने का औचित्य क्या है और आखिर यह धनराशि कहां जा रही है। यदि बारिश शुरू होने से पहले ही यह स्थिति है, तो मानसून के दौरान हालात और भी बदतर हो जाएंगे, जिससे उद्योगों के संचालन में भारी बाधाएं उत्पन्न होंगी और श्रमिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।
कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज़ ने इस गंभीर विषय को लेकर हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, माननीय उद्योग मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, एचएसआईआईडीसी, उपायुक्त झज्जर, एसडीएम बहादुरगढ़ सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया है। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को दर्शाने के लिए तस्वीरें एवं वीडियो भी साझा किए गए हैं, ताकि समस्या की गंभीरता को समझा जा सके।
कोबी ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और यदि इनकी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जाती रही, तो इसका सीधा असर रोजगार, उत्पादन और राजस्व पर पड़ेगा। अतः यह अत्यंत आवश्यक है कि औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और एक जवाबदेह एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आभार
टीम कोबी









