Government Simplifies Rules, Brings Relief to 1500+ Industries in Jhajjar
झज्जर जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश सरकार द्वारा अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों के नियमितीकरण के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है। झज्जर जिले के सभी उद्योगों का नेतृत्व कर रही औद्योगिक संस्था कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) के अध्यक्ष श्री प्रवीण गर्ग, उपाध्यक्ष श्री विपिन बजाज, महासचिव श्री प्रदीप कौल, संयुक्त सचिव श्री सुरेंद्र वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष श्री अशोक कुमार मित्तल ने सरकार के इस कदम को उद्योगों के लिए बड़ी राहत बताया ओर इसका स्वागत किया।
सरकार द्वारा हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के अंतर्गत अधिसूचित 16 प्रोत्साहन योजनाओं के नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे अब अधिक से अधिक उद्योग इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इन योजनाओं में प्रौद्योगिकी अधिग्रहण सहायता, एमएसएमई एक्सचेंज इक्विटी योजना, परीक्षण उपकरण सहायता, बाजार विकास सहायता, पेटेंट पंजीकरण, ऊर्जा एवं जल संरक्षण, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता तथा नेट एसजीएसटी के बदले निवेश सब्सिडी जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
झज्जर जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों जैसे सूर्य नगर इंडस्ट्रियल एरिया, बालाजी इंडस्ट्रियल एरिया, ताल इंडस्ट्रियल एरिया तथा एमआईई फ्रीहोल्ड एरिया जैसे अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित लगभग 1200 से 1500 उद्योग इस निर्णय से सीधे लाभान्वित होंगे। लंबे समय से इन क्षेत्रों के उद्योग नियमितीकरण की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार द्वारा गंभीरता से लेते हुए राहत प्रदान की गई है।
पहले संचालित पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण उद्योगों को आवेदन प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब एक नया एवं सरल पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी हो गई है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक क्लस्टरों में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तथा भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया गया है, बशर्ते कि संबंधित क्षेत्र में न्यूनतम 10 एकड़ में 50 या उससे अधिक उद्यमी सक्रिय हों।
सरकार के इस निर्णय के अनुसार, जब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक इन औद्योगिक क्षेत्रों को वैध माना जाएगा और उन्हें सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नियमितीकरण के लिए उद्यमियों को सामूहिक रूप से पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जिसमें प्रति वर्ग मीटर 25 रुपये की स्क्रूटनी फीस निर्धारित की गई है।
कोबी के अध्यक्ष श्री प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस प्रकार के सुधारात्मक कदमों से उद्योगों को बैंक ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी, आधारभूत संरचना का विकास तेज होगा तथा नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जो जिले के समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कोबी ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि भविष्य में भी उद्योगों की समस्याओं को इसी प्रकार प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा, जिससे झज्जर जिला एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में और अधिक विकसित हो सके।
आभार
टीम कोबी
