Is Patchwork Really the Permanent Solution to Tikri Border Road?
क्या टिकरी बॉर्डर रोड की समस्या का यही स्थायी समाधान है?
झज्जर जिले के समस्त उद्योगों की ओर से कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) द्वारा लंबे समय से टिकरी बॉर्डर से दोनों तरफ बहादुरगढ़ एवं दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा रहा है। यह सड़क दोनों दिशाओं में लंबे समय से गहरे गड्ढों, टूटे हुए हिस्सों एवं जलभराव जैसी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों यात्रियों, कर्मचारियों, उद्योगों से जुड़े वाहनों तथा मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कोबी द्वारा इस गंभीर समस्या को पिछले सप्ताह एक बार फिर से संबंधित विभागों के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर जाने वाले हिस्से पर पैचवर्क का कार्य किया गया। इसके लिए हम संबंधित विभाग का धन्यवाद करते हैं कि हमारी उठाई गई समस्या पर कार्रवाई की गई।
लेकिन हमारा सवाल आज भी वही है — क्या केवल पैचवर्क इस समस्या का स्थायी समाधान है?
जिस सड़क की हालत लंबे समय से इतनी खराब है, वहां केवल कुछ स्थानों पर पैचवर्क कर देने से समस्या का स्थायी समाधान कैसे संभव होगा? यदि एक-दो दिन लगातार बारिश हो जाए, तो क्या यह पैचवर्क दोबारा उखड़कर सड़क को उसी स्थिति में नहीं पहुंचा देगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली से बहादुरगढ़ की ओर आने वाले हिस्से की स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है।
आखिर इतनी महत्वपूर्ण सड़क की समस्या का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है?
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ को हरियाणा का एक प्रमुख औद्योगिक हब कहा जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों कर्मचारी, उद्यमी, व्यवसायी एवं आम नागरिक आवागमन करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में औद्योगिक कच्चा माल एवं तैयार माल भी इसी मार्ग से दिल्ली और बहादुरगढ़ के बीच आता-जाता है। यह मार्ग केवल एक सामान्य सड़क नहीं, बल्कि दिल्ली से हरियाणा में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण मार्ग और औद्योगिक गतिविधियों की प्रमुख लाइफलाइन है।
ऐसे में इस मार्ग की बदहाल स्थिति न केवल आम जनता के लिए परेशानी का कारण है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, कर्मचारियों के आवागमन, समय एवं आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है।
कोबी संबंधित विभाग एवं प्रशासन से पुनः आग्रह करता है कि इस सड़क की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर केवल अस्थायी पैचवर्क के बजाय एक स्थायी, मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। दिल्ली से बहादुरगढ़ तथा बहादुरगढ़ से दिल्ली — दोनों दिशाओं में सड़क की पूरी स्थिति का संज्ञान लेते हुए आवश्यक पुनर्निर्माण/री-कार्पेटिंग का कार्य कराया जाना चाहिए।
सवाल सिर्फ सड़क की मरम्मत का नहीं है, सवाल यह है कि आखिर कब तक अस्थायी मरम्मत होती रहेगी और कब इस महत्वपूर्ण मार्ग का स्थायी समाधान होगा?
कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने एक बार फिर संबंधित विभागों एवं प्रशासन से अपील की कि इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए टिकरी बॉर्डर रोड का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र और यहां प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सके।
आभार
टीम कोबी


