HSPCB Awareness Session on Environmental Compliance for Industries at COBI
कोबी कार्यालय में एचएसपीसीबी द्वारा उद्योगों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित
झज्जर जिले के सभी उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाली औद्योगिक संस्था कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) के कार्यालय में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), जिला झज्जर के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील शेरॉन और फील्ड अधिकारी श्रीमती मनोज ने उद्योगों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया। सत्र में उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों, उनकी पर्याप्तता और रखरखाव तथा स्टैक मॉनिटरिंग से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई।
कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग, उपाध्यक्ष विपिन बजाज, महासचिव प्रदीप कौल सहित कोबी के सदस्य एवं उद्योगपति विजेन्द्र गुलाटी, विकास गुप्ता, अनिल गोयल, अशोक कुमार, मनीष साहू, ऋषि सैनी, सुलभ गोयल, नितेश गर्ग, संदीप शर्मा, आदर्श अग्रवाल, बलविंदर सिंह, अखिल जैन, अनुज कुमार, अमित, अजय कुमार, अमित हरित और यशपाल सहित अन्य उद्योगपति उपस्थित रहे। सत्र में उद्योगों ने अधिकारियों से अनुपालन संबंधी जानकारी प्राप्त की और पर्यावरणीय मानकों के पालन तथा विभाग के साथ बेहतर समन्वय के महत्व पर चर्चा की।
अधिकारियों ने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देश संख्या 98 के अनुसार, जो उद्योग मेटल, टेक्सटाइल या खाद्य पदार्थ की श्रेणी में आते हैं उनके लिए एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइसेज़ (एपीसीडी) की पर्याप्तता संबंधी विवरण जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है। सभी संबंधित उद्योगों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक विवरण प्रस्तुत करने और पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। जो इकाइयां बंद हैं, उन्हें केवल संरचनात्मक पर्याप्तता (Structural Adequacy) रिपोर्ट जमा करनी होगी; उनके लिए कार्यात्मक पर्याप्तता (Functional Adequacy) रिपोर्ट जमा करना आवश्यक नहीं होगा।
सत्र में एपीसीडी की स्थापना और संचालन संबंधी प्रमुख बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। उद्योगों को अपने प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को इस प्रकार स्थापित या उन्नत करने की सलाह दी गई कि पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का उत्सर्जन 50 mg/Nm³ या उससे कम रहे। एपीसीडी की स्थापना के लिए एनपीसी (नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल) के पैनल में शामिल विक्रेताओं के माध्यम से कार्य कराने, बॉयलर और मेटल फर्नेस के लिए बैग फिल्टर/बैग हाउस तथा कपोला, पिट और ऑयल-फायर्ड हीटिंग फर्नेस के लिए वेट स्क्रबर जैसे उपयुक्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय अपनाने की जानकारी दी गई।
डॉ. सुनील शेरॉन ने यह भी जानकारी दी कि बहादुरगढ़ स्थित एचएसपीसीबी जिला कार्यालय में उद्योगों की सहायता के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है। यहां जेई या उससे वरिष्ठ रैंक के अधिकारी उपलब्ध रहेंगे, ताकि उद्योगों को अनुपालन संबंधी मार्गदर्शन मिल सके, विभाग और उद्योगों के बीच संवाद बेहतर हो तथा पर्यावरणीय आवश्यकताओं को समझना और पूरा करना आसान बने।
आभार
टीम कोबी






