HSIIDC’s Negligence Leaves Bahadurgarh Industrial Areas in Crisis as COBI Seeks Immediate Chief Minister’s Intervention.
एचएसआईआईडीसी की लापरवाही से बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति बदहाल, कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज़ (कोबी) ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
झज्जर जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज़ (कोबी) ने हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों की लगातार बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
कोबी ने अपने पत्र में कहा है कि वर्ष 2016 में बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों का प्रबंधन हुडा से एचएसआईआईडीसी को हस्तांतरित किए जाने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्यों के दावे किए गए, लेकिन धरातल पर स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। उद्योगों से सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होने और हजारों लोगों को रोजगार मिलने के बावजूद औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।
कोबी ने प्रश्न उठाया है कि जब उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, तो क्या उनके लिए विकास कार्यों की कोई प्रभावी योजना, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही नहीं है? एचएसआईआईडीसी के अधीन आने वाले लगभग सभी औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपति एवं कर्मचारी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कार्य करने को विवश हैं, लेकिन उनकी समस्याएं न तो संबंधित अधिकारियों को दिखाई देती हैं और न ही उनके समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता दिखाई जा रही है।
कोबी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि एमआईई पार्ट-ए, एमआईई पार्ट-बी, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16, सेक्टर-17 तथा सेक्टर-4बी सहित झज्जर जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्र हरियाणा की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यहां स्थित हजारों औद्योगिक इकाइयां करोड़ों रुपये का राजस्व प्रदान करने के साथ-साथ हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करा रही हैं तथा निर्यात और औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों को आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
कोबी ने बताया कि संस्था पिछले लंबे समय से एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को पत्रों, ज्ञापनों, बैठकों तथा व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से लगातार समस्याओं से अवगत कराती रही है। इनमें प्रमुख रूप से पेयजल की अपर्याप्त व्यवस्था, जाम एवं ओवरफ्लो होती सीवर लाइनें, बदहाल सफाई व्यवस्था, टूटी एवं जर्जर सड़कें, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, औद्योगिक आधारभूत ढांचे का उचित रखरखाव न होना, पार्कों की खराब स्थिति तथा विकास कार्यों में अत्यधिक देरी जैसी गंभीर समस्याएं शामिल हैं।
कोबी ने कहा कि बार-बार शिकायतें और अनुरोध किए जाने के बावजूद अधिकांश मामलों में न तो कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त होता है और न ही समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाती है। परिणामस्वरूप उद्योगों को प्रतिदिन कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन, निवेश और औद्योगिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संस्था ने एक अत्यंत गंभीर प्रश्न भी उठाया है कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण हेतु लाखों एवं करोड़ों रुपये के टेंडर स्वीकृत किए जाते हैं तथा सरकारी अभिलेखों में अनेक विकास परियोजनाएं प्रदर्शित होती हैं, लेकिन धरातल पर उनकी वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देती है। अधिकांश सड़कें आज भी टूटी हुई हैं, सीवर व्यवस्था चरमराई हुई है, सफाई व्यवस्था बदहाल है और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ऐसे में यह स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि यदि सार्वजनिक धन विकास कार्यों पर व्यय किया जा रहा है, तो उसका वास्तविक लाभ उद्योगों तक क्यों नहीं पहुंच रहा तथा इन कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी के लिए उत्तरदायी कौन है?
कोबी ने स्पष्ट किया कि उद्योग किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल उन आधारभूत सुविधाओं की अपेक्षा कर रहे हैं जो किसी भी औद्योगिक क्षेत्र के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक होती हैं। यदि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले उद्योगों को सड़क, पेयजल, सीवर, सफाई और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़े, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
कोबी ने माननीय मुख्यमंत्री से मांग की है कि बहादुरगढ़ के सभी एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्रों का किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से वास्तविक स्थल निरीक्षण कराया जाए, ताकि धरातल पर मौजूद वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन हो सके। साथ ही एचएसआईआईडीसी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए उद्योगों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए तथा सड़कों, सीवरेज, स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुधार एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराए जाएं।
कोबी ने विश्वास व्यक्त किया है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस गंभीर एवं लंबे समय से लंबित विषय पर शीघ्र संज्ञान लिया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों को उनकी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अंत में कोबी ने कहा कि उद्योग देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा हजारों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। इसलिए उद्योगों को कम से कम ऐसी मूलभूत सुविधाएं अवश्य मिलनी चाहिए, जिनके बल पर वे सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से अपना संचालन कर सकें।
— आभार —
टीम कोबी




