Bahadurgarh SDM Inspects MIE Industrial Areas, Reviews Key Infrastructure Issues
झज्जर जिला उपयुक्त वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में एमआईई भाग ए एवं भाग बी औद्योगिक क्षेत्रों का बहादुरगढ़ एसडीएम ने किया दौरा, मौके पर देखी उद्योगों से जुड़ी समस्याएं, सड़कों की बदहाल स्थिति, जलभराव, पार्कों एवं सीवरेज व्यवस्था का लिया जायजा
झज्जर जिले के उद्योगों का नेतृत्व कर रही औद्योगिक संस्था कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को प्रशासन के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है।
इसी कड़ी में झज्जर जिला उपायुक्त वर्षा खंगवाल के मार्गदर्शन में एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच ने एचएसआईआईडीसी बहादुरगढ़ के अधिकारियों के साथ एमआईई भाग ए एवं भाग बी औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तृत दौरा एवं निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की खस्ता हालत, जगह-जगह हो रहे जलभराव, सीवरेज व्यवस्था की समस्याओं, पार्कों की स्थिति तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का मौके पर जायजा लिया गया। उद्योगपतियों ने एसडीएम तथा एचएसआईआईडीसी अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर समस्याओं की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और उन्हें मौके पर समस्याओं का निरीक्षण करवाया।
इस अवसर पर कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग के नेतृत्व में संयुक्त सचिव सुरेंद्र वशिष्ठ, सदस्य सुशील गोयल, नीरज गोयल सहित अन्य उद्योगपति एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, पार्कों एवं उन स्थानों का दौरा करवाया जहां लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने ने अधिकारियों को बताया कि कई स्थानों पर खराब सड़कों एवं गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है तथा भारी वाहनों की आवाजाही के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है।
दौरे के दौरान जलभराव की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। उद्योगपतियों ने बताया कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों एवं औद्योगिक इकाइयों के आसपास पानी जमा हो जाता है। इससे न केवल उद्योगों के संचालन में परेशानी आती है बल्कि कर्मचारियों, वाहनों एवं माल की आवाजाही भी प्रभावित होती है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने तथा अन्य समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना भी बनी रहती है।
इसी प्रकार सीवरेज सिस्टम से संबंधित समस्याओं को भी मौके पर अधिकारियों के समक्ष रखा गया। उद्योगपतियों ने सीवरेज लाइनों की सफाई, ब्लॉकेज, जल निकासी तथा सीवरेज व्यवस्था के समुचित रखरखाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान पार्कों एवं ग्रीन एरिया की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों के समक्ष पार्कों के रखरखाव, सफाई, हरियाली तथा नियमित देखभाल से संबंधित विषय रखे गए। उद्योगपतियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित पार्क एवं ग्रीन बेल्ट न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी इनका बेहतर रखरखाव आवश्यक है।
कोबी ने कहा कि झज्जर जिला उपायुक्त श्रीमती वर्षा खंगवाल के मार्गदर्शन में कोबी द्वारा जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार नगर परिषद बहादुरगढ़ एवं एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। सड़क, सीवरेज, जलभराव, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव एवं सफाई सहित अनेक मूलभूत समस्याओं को बार-बार संबंधित विभागों के संज्ञान में लाया गया है, लेकिन दुर्भाग्यवश जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। यह पहली बार नहीं है जब औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को मौके पर जाकर देखा गया हो। एसडीएम बहादुरगढ़ द्वारा भी पिछले समय में 2-3 बार औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त एचएसआईआईडीसी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी समय-समय पर मौके पर पहुंचकर समस्याओं का निरीक्षण करते रहे हैं। अधिकारियों द्वारा समस्याओं को देखने के बाद उनके समाधान का आश्वासन भी दिया जाता है, लेकिन दौरे और आश्वासनों के बावजूद कई स्थानों पर स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
केवल अधिकारियों का मौके पर आकर समस्याओं को देखना और आश्वासन देकर वापस चले जाना पर्याप्त नहीं है। जरूरत इस बात की है कि निरीक्षण के बाद तय समयसीमा में कार्य धरातल पर दिखाई भी दे। उद्योगपति वर्षों से इन मूलभूत समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इसका सीधा प्रभाव औद्योगिक गतिविधियों, कर्मचारियों की आवाजाही, माल परिवहन तथा पूरे औद्योगिक क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
एमआईई भाग बी का फ्री होल्ड क्षेत्र, जो नगर परिषद बहादुरगढ़ के अधीन आता है, उसकी स्थिति को लेकर भी कोबी द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है। इस क्षेत्र का भी अधिकारियों द्वारा कई बार दौरा किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। यह कि सड़कें पूरी तरह टूटी पड़ी हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सीवरेज का पानी सड़कों पर भरा रहता है और जल निकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में स्थिति और खराब हो जाती है। वहीं क्षेत्र के पार्कों की स्थिति भी चिंताजनक है। उचित रखरखाव एवं सफाई के अभाव में कई पार्क कचरे के ढेर में तब्दील होते जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति और अधिक खराब दिखाई देती है।
जब संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं की जानकारी बार-बार दी जा चुकी है, अधिकारी स्वयं कई बार मौके पर आकर स्थिति देख चुके हैं और समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया जा चुका है, तो फिर जमीनी स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है? क्या औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों एवं उद्योगपतियों को इन मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार इसी प्रकार परेशान होना पड़ेगा?
कोबी ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से आग्रह किया कि औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक निरीक्षण के बाद समस्याओं की सूची तैयार कर उनकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं अधिकारी को निर्धारित की जाए और कार्य की समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाए।
झज्जर जिला प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है और यहां से सरकार को बड़े स्तर पर राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, सीवरेज, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, सफाई एवं पार्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं बल्कि आवश्यक आवश्यकता है। औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को अब केवल निरीक्षण करने के बजाय ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।
कोबी का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं बल्कि प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करवाना है। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़क, जल निकासी, सीवरेज, पार्क एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल मौजूदा उद्योगों को लाभ मिलेगा बल्कि झज्जर जिले के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
आभार
टीम कोबी

