Pollution Control Department Meets Industrialists on Compliance Standards — COBI Participates
प्रदूषण नियंत्रण मानकों के प्रभावी अनुपालन को लेकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की उद्योगपतियों के साथ अहम बैठक, कोबी ने लिया हिस्सा
झज्जर जिले के सभी उद्योगों का प्रतिनिधित्व कर रही प्रमुख औद्योगिक संस्था कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), बहादुरगढ़ की रीजनल ऑफिसर स्मिता कनोडिया द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित मानकों एवं अनुपालनों को प्रभावी रूप से लागू करना तथा उद्योगों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
बैठक में कोबी के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग की अध्यक्षता मे महासचिव प्रदीप कौल, कोबी सदस्य अनिल गोयल, अंकुर बंसल, सतीश बंसल सहित अन्य सदस्यों एवं झज्जर जिले के अनेक औद्योगिक संस्थाओं ने भाग लिया। बैठक के दौरान उद्योगों से जुड़े विभिन्न प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय अनुपालन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण विभाग बहादुरगढ़ की रीजनल ऑफिसर स्मिता कनोडिया ने उद्योगपतियों को प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए विशेष रूप से रेड कैटेगरी में आने वाली औद्योगिक इकाइयों को अपने प्रदूषण नियंत्रण अनुपालनों को गंभीरता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से फूड इंडस्ट्री, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, मेटल इंडस्ट्री सहित अन्य संबंधित औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को नियमित रूप से फॉलो एवं अपडेट रखना चाहिए। उद्योगों द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं अनुपालन संबंधी जानकारी समय पर अपडेट करने से विभाग को वास्तविक स्थिति की निगरानी करने में सुविधा होगी तथा उद्योगों को भी भविष्य में अनावश्यक अनुपालन संबंधी समस्याओं से बचने में मदद मिलेगी।
बैठक के दौरान औद्योगिक इकाइयों की चिमनी/स्टैक से संबंधित विषय पर भी विशेष रूप से चर्चा हुई। औद्योगिक इकाइयों की चिमनी पर स्पाइरल हेड होना चाहिए तथा सीधी (स्ट्रेट) हेड वाली चिमनियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप अपडेट किया जाना आवश्यक है। जिन औद्योगिक इकाइयों में वर्तमान में चिमनी पर स्पाइरल हेड की व्यवस्था नहीं है, उन्हें दो सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार एवं अपडेट कराने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार उद्योगों में स्थापित एयर पॉल्यूशन डिवाइस एवं संबंधित पॉल्यूशन कंट्रोल इक्विपमेंट को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप अपडेट एवं कार्यशील रखने पर जोर दिया गया। जिन औद्योगिक इकाइयों के एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस अथवा संबंधित उपकरण अपडेट नहीं हैं, उन्हें आवश्यक तकनीकी सुधार कराते हुए उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के लिए कहा गया।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग बहादुरगढ़ की रीजनल ऑफिसर स्मिता कनोडिया ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए कहा कि विभाग द्वारा हर माह उद्योगपतियों एवं औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इन मासिक बैठकों का उद्देश्य उद्योगों और विभाग के बीच मौजूद कम्युनिकेशन गैप को कम करना, उद्योगों की समस्याओं एवं सुझावों को सुनना तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों को प्रभावी ढंग से उद्योगों तक पहुंचाना होगा।
उद्योग एवं सरकारी विभाग एक-दूसरे के सहयोग से ही पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक विकास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सकते हैं। नियमित संवाद से उद्योगों को अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और विभाग को भी जमीनी स्तर पर उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं को समझने में सहायता मिलेगी।
कोबी महासचिव श्री प्रदीप कौल ने कहा कि कोबी हमेशा से उद्योगों को नियमों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए जागरूक करता रहा है। प्रदूषण नियंत्रण केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई की सामूहिक जिम्मेदारी है। उद्योगों द्वारा आवश्यक उपकरणों, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम एवं अन्य पर्यावरणीय अनुपालनों को समय पर अपडेट रखने से न केवल प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी बल्कि औद्योगिक क्षेत्र की छवि भी बेहतर होगी।
उद्योगों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के बीच प्रस्तावित मासिक संवाद बैठकें एक सकारात्मक कदम हैं और इससे दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने के साथ-साथ पर्यावरणीय अनुपालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से संभव होगा
आभार
टीम कोबी

