COBI Raises Voice Over Poor Condition of Bahadurgarh–Delhi Road at Tikri Border, Demands Immediate Repairs
टिकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़-दिल्ली मार्ग की बदहाल स्थिति पर कोबी ने उठाई आवाज, सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग
झज्जर जिले के सभी उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाली औद्योगिक संस्था कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने टिकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ तथा दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों से सड़क की तत्काल एवं स्थायी मरम्मत करवाने की मांग की है। कोबी के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग का कहना है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की खराब हालत के कारण प्रतिदिन हजारों औद्योगिक वाहनों, कर्मचारियों, श्रमिकों एवं आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोबी द्वारा बताया गया कि टिकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ तथा बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग के कई हिस्सों की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं और लगभग 500 मीटर का एक हिस्सा ऐसा है जहां सड़क लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है तथा केवल बड़े-बड़े गड्ढे ही दिखाई देते हैं। इस स्थिति के कारण वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गई है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग दुर्घटना का गंभीर कारण बन सकता है।
यह मार्ग दिल्ली और बहादुरगढ़ के बीच औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। बहादुरगढ़ एवं झज्जर जिले के हजारों उद्योगों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कच्चा माल, तैयार माल, औद्योगिक वाहनों तथा कर्मचारियों की आवाजाही इस मार्ग से होती है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की गति प्रभावित हो रही है, यातायात जाम की स्थिति बनती है तथा परिवहन लागत और वाहन रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है। इसका सीधा प्रभाव क्षेत्र के उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
कोबी ने विशेष रूप से चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। वहीं जलभराव के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। संस्था ने संबंधित एजेंसियों से केवल गड्ढों की अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क की स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि समस्या का बार-बार सामना न करना पड़े।
कोबी ने इस गंभीर समस्या को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया था।
पिछले दिनों हुए पत्राचार का संज्ञान लेते हुए दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ई-मेल के माध्यम से सूचित किया गया है कि कोबी द्वारा भेजी गई शिकायत एवं मांग को संबंधित पीडब्ल्यूडी विभाग को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित कर दिया गया है। कोबी ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि अब इस मामले को आगे संबंधित विभागों एवं एनएचएआई तथा माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के स्तर पर भी शीघ्र संज्ञान में लिया जाएगा और सड़क की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संस्था ने कहा कि बहादुरगढ़ केवल हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक केंद्र ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बहादुरगढ़ को दिल्ली से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों की बेहतर कनेक्टिविटी एवं मजबूत सड़क उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। खराब सड़कों के कारण जहां एक ओर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों के लॉजिस्टिक्स, समय और लागत पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कोबी ने संबंधित प्रशासन एवं सड़क निर्माण एजेंसियों से अपील की है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए टिकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ तथा दिल्ली की ओर जाने वाले क्षतिग्रस्त मार्ग का तत्काल निरीक्षण करवाया जाए और आवश्यकतानुसार सड़क का पुनर्निर्माण/री-कार्पेटिंग कार्य कराया जाए। संस्था ने विश्वास व्यक्त किया कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करेंगे और क्षेत्र के उद्योगों, श्रमिकों तथा आम जनता को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
झज्जर जिले के उद्योगों एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के मुद्दों को संबंधित सरकारी विभागों के समक्ष निरंतर उठाया जाता रहेगा, ताकि क्षेत्र में बेहतर औद्योगिक वातावरण एवं मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किया जा सके।
आभार
टीम कोबी

